लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को ‘स्मार्ट सिटी’ का दर्जा तो मिल गया है, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। आलमबाग के सिंगार नगर मेट्रो स्टेशन और अवध चौराहे के बीच इन दिनों आम जनता का दम घुट रहा है।
धूल ऐसी कि कोहरा शर्मा जाए!
स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि अवध चौराहे पर सड़क धंसने के बाद जो मरम्मत का काम शुरू हुआ, उसके बाद से यहाँ की सफाई भगवान भरोसे है। सड़कों पर धूल की इतनी मोटी परत जमी है कि वाहनों के गुजरते ही ऐसा मंजर बन जाता है जैसे भारी कोहरा छाया हो।
बीमारियों को न्योता दे रहा नगर निगम: वीडियो के माध्यम से भारतीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय प्रमुख सचिव, नमन श्रीवास्तव ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि:
* बारिश होने पर यहाँ की मिट्टी कीचड़ बन जाती है और सूखने के बाद बारीक धूल बनकर लोगों के फेफड़ों तक पहुँच रही है।
* छोटे-छोटे स्कूली बच्चे और राहगीर इसी ‘जहरीली’ धूल को फांकने को मजबूर हैं।
* नगर निगम और संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण यहाँ कभी भी बड़ी स्वास्थ्य समस्या पैदा हो सकती है।
ट्रैफिक का भी बुरा हाल: सिर्फ धूल ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक जाम भी लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। अवध चौराहे पर पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद, ऑटो चालकों की मनमानी और सड़कों पर खड़े वाहनों के कारण सिग्नल खुलने के बाद भी लोग चौराहा पार नहीं कर पाते।

शासन-प्रशासन से कार्रवाई की मांग: नमन श्रीवास्तव ने चेतावनी दी है कि इस मुद्दे को नगर निगम से लेकर माननीय मुख्यमंत्री तक टैग किया जाएगा ताकि सोता हुआ प्रशासन जागे। जनता अब इस ‘डस्ट ज़ोन’ से जल्द से जल्द निजात चाहती है।
ब्यूरो रिपोर्ट: bmspnews24.com
