वैष्णों देवी यात्रा हुई बंद, अर्धकुमारी में फटा बादल, जम्मू-कश्मीर में बारिश का टूटा 100 वर्षों का रिकार्ड; भूस्खलन और तबाही से लोगो की जान आफत में आई!

जम्मू-कश्मीर: शनिवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण जम्मू कश्मीर के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक महत्वपूर्ण पुल क्षतिग्रस्त हो गया। राजधानी जम्मू में रविवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 190.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस महीने में एक सदी में दूसरी सबसे अधिक बारिश है। इससे पहले 5 अगस्त 1926 को अगस्त में 228.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

 

 

 

 

 

जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जम्मू में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें पुलों का गिरना और बिजली के खंभों व मोबाइल टावरों का ध्वस्त होना शामिल है। मंगलवार को जम्मू में सुबह 11:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच छह घंटे में 22 सेमी बारिश दर्ज की गई, जो रिकॉर्ड पर सबसे अधिक है। हालांकि, आधी रात के बाद बारिश में कमी आई, जिससे जम्मू जिले को थोड़ी राहत मिली।

लगातार हो रही बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण अब तक 3,500 से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय सेना और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें बचाव और राहत कार्यों में जुटी हैं। लोगों को जोखिम वाले इलाकों से निकालकर अस्थायी आश्रयों में भेजा जा रहा है। वहां उन्हें भोजन, स्वच्छ पानी और चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश के बड़े हिस्से में संचार सेवाएं बाधित हैं, जिससे संकट और गहरा गया है।

भारी बारिश के कारण उत्तरी रेलवे ने बुधवार को 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है और 27 ट्रेनों को बीच में ही रोक दिया है। कटरा, जम्मू और उधमपुर से चलने वाली ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिसमें वैष्णो देवी बेस कैंप से चलने वाली नौ ट्रेनें भी शामिल हैं। इसके अलावा, पठानकोट और हिमाचल प्रदेश के कांद्राेरी के बीच भी रेल सेवा रोक दी गई है क्योंकि चक्की नदी में आई अचानक बाढ़ से पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि, कटरा-श्रीनगर मार्ग पर रेल सेवा अप्रभावित है।

 

 

 

 

 

वैष्णो देवी मार्ग पर लैंडस्लाइड से बड़ा हादसा, 31 लोगों की मौत; कल भी 9 की गई थी जान
इससे पहले, मंगलवार को भी इसी मार्ग पर एक और भूस्खलन हुआ था, जिसमें नौ लोगों की जान चली गई और 21 अन्य घायल हो गए थे। पहाड़ों के ढहने से यात्रा मार्ग को काफी नुकसान पहुंचा है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। कटरा में माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भीषण भूस्खलन में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 23 घायल हो गए हैं। बुधवार को हुई इस घटना ने त्रिकुट पहाड़ी पर स्थित तीर्थस्थल के रास्ते को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में अभी और लोग फंसे हो सकते हैं और बचाव कार्य जारी है।
इससे पहले, मंगलवार को भी इसी मार्ग पर एक और भूस्खलन हुआ था, जिसमें नौ लोगों की जान चली गई और 21 अन्य घायल हो गए थे। पहाड़ों के ढहने से यात्रा मार्ग को काफी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

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