पहले मैच ड्रा फिर हुआ सुपर-ओवर और फिर भारत ने श्रीलंका को हराया

सुपर-ओवर के रोमांच में भारत ने श्रीलंका को हराया

एशिया कप में सुपर-फोर का आखिरी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां हार और जीत का फैसला सुपर-ओवर से हुआ। भारत ने श्रीलंका के सामने 203 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन टीम 202 रन पर रुक गई।

भारत ने सुपर-ओवर के रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका को हरा दिया। भारत के सामने जीत के लिए 3 रन का लक्ष्य था, जिसे उसने पहले ही गेंद पर बना लिया। भारत की ओर से सुपर-ओवर में सूर्यकुमार यादव और शुभमन गिल बल्लेबाजी करने उतरे थे। इससे पहले श्रीलंका ने सुपर-ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंदबाजी पर केवल 2 रन बनाए और 5 गेंद में ही 2 विकेट खो दिए।

सुपर-ओवर का रोमांच

पहली गेंद- कुसर परेरा और दसुन शनाका ने पारी की शुरुआत की, लेकिन अर्शदीप ने पहली ही गेंद पर परेरा को आउट कर दिया।
दूसरी गेंद- अर्शदीप की दूसरी गेंद पर कामिंदू ने एक रन लेकर स्ट्राइक दसुन शनाका को दे दी।
तीसरी गेंद- अर्शदीप ने डॉट गेंद डाली।
चौथी गेंद- अर्शदीप ने वाइड डाली और श्रीलंका का स्कोर 2 हो गया।
चौथी गेंद पर अंपायर ने शनाका को आउट दिया, लेकिन रिव्यू में वह नॉट आउट थे।
पांचवी गेंद पर पर अर्शदीप ने शनाका को आउट कर दिया और इस तरह से टीम इंडिया को जीत के लिए 3 रन का आसान लक्ष्य मिला।

पथुम निसांका की शानदार शतकीय पारी

इससे पहले 203 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की ओर से पथुम निसांका ने शानदार शतकीय पारी खेली, लेकिन वह अपनी टीम को फिनिश लाइन तक नहीं पहुंचा पाए। निसांका ने 107 जबकि कुसल परेरा ने 58 रन की पारी खेली। आखिरी ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए 12 रन की दरकार थी, लेकिन टीम केवल 10 रन ही बना पाई और श्रीलंका की पारी 202 रन पर रुक गई। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका के सामने 203 रन का लक्ष्य रखा है। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने 61, तिलक वर्मा ने 49 और संजू सैमसन ने 39 रन की पारी खेली। यह इस एशिया कप में पहला मौका है, जब किसी टीम ने 200 रन का आंकड़ा पार किया है।

हेड टू हेड में भी भारत का पलड़ा भारी

हेड टू हेड की बात करें तो यहां भी टीम इंडिया का पलड़ा भारी नजर आता है। अब तक खेले गए 32 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 22 में टीम इंडिया ने बाजी मारी है, जबकि केवल 9 मुकाबला श्रीलंका के नाम रहा है। एक मुकाबला बिना किसी परिणाम के रहा है।

  • Related Posts

    मानवाधिकार आयोग के बावजूद क्यों जरूरी हैं मानवाधिकार संगठन? आइये जानते है एक ज़मीनी सच्चाई!

    लखनऊ: देश में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) जैसी सशक्त सरकारी संस्था पहले से मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद मानवाधिकार संगठनों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी…

    म.प्र. के जबलपुर में भारतीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद की भव्य बैठक हुई संपन्न; नई सोच नई ऊर्जा और नई रणनीति का हुआ आगाज़।

    मध्यप्रदेश जबलपुर: 12 अप्रैल 2026 (रविवार) मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के दत्त रेजीडेंसी के प्रांगण में भारतीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद (BMSP) की एक भव्य एवं प्रभावशाली बैठक का आयोजन…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    मानवाधिकार आयोग के बावजूद क्यों जरूरी हैं मानवाधिकार संगठन? आइये जानते है एक ज़मीनी सच्चाई!

    म.प्र. के जबलपुर में भारतीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद की भव्य बैठक हुई संपन्न; नई सोच नई ऊर्जा और नई रणनीति का हुआ आगाज़।

    पुलिस: हर परिस्थितियों में हम सबके लिए सदैव तत्पर; लेकिन हमारे लिए कौन!

    लखनऊ: ‘स्मार्ट सिटी’ की सड़कों पर धूल का गुबार, सांस लेना हुआ मुहाल! नगर निगम की लापरवाही; राहगीर हुए बदहाल!

    लखीमपुर: बेलरायां क्षेत्र में तेंदुए के हमले के बाद का खौफ—घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। भारतीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद पीड़ित परिवार के साथ हुआ खड़ा; एस डी एम को दिया ज्ञापन, मुआवजे की एवं कार्यवाही की मांग की।