आय-जाति और निवास प्रमाण-पत्र का बदला नियम, योगी सरकार ने की नई व्यवस्था…!

उत्तर प्रदेश: राजस्व विभाग से संबंधित नागरिकों की सुविधाओं के काम लेखपाल अब ऑनलाइन कर सकेंगे। राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने गुरुवार को सरोजनी नगर तहसील से लेखपाल डैशबोर्ड का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि इस डैशबोर्ड के माध्यम से राज्य के 22 हजार लेखपाल जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र व वरासत सहित विभिन्न प्रकार के काम ऑनलाइन कर सकेंगे। इससे निर्धारित समय में संबंधित कार्यों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता आएगी। साथ ही लोगों को बार-बार तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों में अविवादित त्रुटियों को भी सही करने की सुविधा भी डैशबोर्ड के माध्यम से लेखपालों को उपलब्ध कराई जाएगी। राजस्व परिषद अपने अधीन आने वाले प्रत्येक संवर्ग को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाने का प्रयास कर रहा है।

राजस्व संबंधी कार्यों को लेकर प्रतिदिन करीब लाखों नागरिकों का संवाद लेखपालों के साथ होता है। इसीलिए लेखपालों को सशक्त बनाने और आम नागरिकों की सुविधा के मद्देनजर लेखपाल डैशबोर्ड का शुभारंभ किया गया है।

इसके जरिए पहले चरण में नागरिकों को आय प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, अंश निर्धारण, वरासत संबंधी कार्यों के लिए अब बार-बार तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

दूसरे चरण में गरीब सवर्णों के प्रमाण पत्र, अविवादित वरासत, गांव का नक्शा, भूखंड का नक्शा, स्वामित्व परिवर्तन के बाद राजस्व रिकार्ड में नए मालिक का नाम दर्ज करने जैसी सुविधाएं भी डैशबोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी।

जल्द ही डैशबोर्ड को आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) के साथ भी जोड़ने की तैयारी की जा रही है। नागरिकों की सुविधा के लिए तहसील संबंधी कामों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है।

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