‘चुप्पी में धैर्य हूं, चुनौती में शौर्य हूं…’, जब सीएम रेखा गुप्ता ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अनुपम खेर के सामने सुनाई कविता

दिल्ली की रेखा सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर शनिवार को सीएम रेखा गुप्ता ने इसे ‘जनसेवा आधारित राजनीति और जनकल्याणकारी नीतियों की दिशा में एक प्रतिबद्ध यात्रा’ बताया है।

दिल्ली में भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने पर शनिवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में ‘100 दिन सेवा के – काम करने वाली सरकार’ शीर्षक वाले कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सीएम रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार के कामकाज पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा ‘हमारी प्राथमिकता है ऐसा विकास जो आम जनता न केवल देख सके बल्कि महसूस भी कर सके।’

इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर लिखी अपनी कविता की पंक्तियां भी पढ़ीं। जिसे सुनकर लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।

शनिवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मेरी सरकार स्वच्छता, सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और ई-गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में दिल्ली को एक मजबूत, सुरक्षित और समावेशी राजधानी बनाने की दिशा में प्रतिबद्ध है। मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण को प्रेरणा मानते हुए उनका आभार प्रकट करती हूं। इस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, अभिनेता अनुपम खेर और दो हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया।

मंच पर अभिनेता अनुपम खेर ने दिल्‍ली सरकार के 100 दिन पूरे होने पर सीएम रेखा गुप्ता के साथ बातचीत कर उनका विजन जाना। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर खुद की लिखी कविता सुनाकर आम आदमी पार्टी पर करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी दिल्ली के सीएम की कुर्सी पर बैठे थे। वे सेना पर सवाल उठाते थे और दुश्मनों से हाथ मिलाते थे। आज देश की महिलाएं ऑपरेशन सिंदूर को लेकर गर्व महसूस करती हैं। यह अभियान महिलाओं के सम्मान को नई ऊंचाई देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारी सशस्त्र सेनाओं को इसके लिए धन्यवाद।

इसके बाद उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर अपनी लिखी कविता भी सुनाई। सीएम रेखा गुप्ता ने सुनाया ‘चुप्पी में मैं धैर्य हूं। चुनौती में मैं शौर्य हूं। मैं सिंदूर हूं। मैं आतंकियों का वध हूं। मैं हौसलों की सरहद हूं। मैं जीवनदात्री, मैं संहार की साक्षी। मैं सिंदूर हूं। मुझे निर्बल जानकर जिसने गोली चलाई थी। उन शत्रु पर मैं कड़ा प्रहार हूं। हर बेटी-बहू का उपहार हूं। मैं भारत का कल और आज हूं। मैं हिंदुस्तान की लाज हूं। मैं सिंदूर हूं।’

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