ए डीजे 4 लखीमपुर श्रीमती प्रतिभा नारायण द्वारा वादिनी जिसके पति की हत्या मुलजिमानों द्वारा वर्ष 1997 में कर दी थी को 27 वर्ष बाद न्याय दिया गया दो अभियुक्तों रमेश और मनमोहन को धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 15000\ 15000 रुपए जुर्माना से दंडित किया गया है
पैरवी शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र मिश्रा द्वारा की गई
मानवाधिकार आयोग के बावजूद क्यों जरूरी हैं मानवाधिकार संगठन? आइये जानते है एक ज़मीनी सच्चाई!
लखनऊ: देश में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) जैसी सशक्त सरकारी संस्था पहले से मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद मानवाधिकार संगठनों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी…
